एक देश में स्थित पुरुषों के दो प्रकार के कार्य कहे गये हैं, उनमें एक आगामी ( भविष्यत्) और दूसरा स्थिरसंज्ञक (वर्तमान और भूत) होता है। राजा, दूत, गूढ़ पुरुष और परदेश से उत्पन्न कार्य अन्य हैं। उपद्रव तथा बन्धु और मित्रों का आगमनरूप कार्य भविष्यत् होते हैं।
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