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बृहत्संहिता • अध्याय 96 • श्लोक 16
कवर्गपूर्वान् कुजशुक्रचान्द्रिजीवार्कजानां प्रवदन्ति वर्गान् । |यकारपूर्वाः शशिनो निरुक्ता वर्णास्त्चकारप्रभवा रवेः स्युः ॥
क ख ग घ ङ- मंगल के, च छ ज झ ञ शुक्र के, ट ठ ड ढ ण-बुध के, त थ द ध न-बृहस्पति के, प फ ब भ म-शनि के, य र ल व श ष सह-चन्द्र के और अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः- सूर्य के वर्ग हैं।
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