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बृहत्संहिता • अध्याय 96 • श्लोक 15
लग्नाम्बुसंस्थास्तनभः स्थितेषु क्षेत्रेषु ये लग्नगता गृहांशाः । तेभ्योऽक्षराण्यात्मगृहाई अणि विनगद् ग्रहाणां स्वगणक्रमेण ॥
लग्न, चतुर्थ लग्न, सप्तम लग्न और दशम लग्न में जिस राशि का नवांश हो, उन पर से अपनी-अपनी राशि के
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