शब्द, चेष्टा, भोजन और उपवेशन के द्वारा एक काक का जो फल कहा गया है, वहीं दो, तीन आदि का भी जानना चाहिये तथा अन्य अनुक्त पक्षीगण का भी फल काक की तरह ही जानना चाहिये। इसी प्रकार वन में रहने वाले जन्तु और उपरिदंष्ट्री ( सूअर आदि) का फल कुत्ते की तरह जानना चाहिये ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।