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बृहत्संहिता • अध्याय 95 • श्लोक 5
शरदर्भगुल्मवल्लीधान्यप्रासादगेहनिम्नेषु शून्यो भवति स देशश्चौरानावृष्टिरोगार्तः ॥
जिस देश में कौआ शरकण्डा, कुशा, गुल्म, लता, धान्य, प्रासाद, गृह और निम्न स्थान में घोंसले का निर्माण करे, वह देश चोर, अनावृष्टि और रोग से पीड़ित होकर शून्य हो जाता है।
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