सितकुसुमाशुचिमांसाननेऽर्थसिद्धिर्यथेप्सिता यातुः । पक्षौ धुन्वनुर्ध्वानने च विघ्नं मुहुः क्वणति ॥
यदि कौआ सफेद फूल, अपवित्र वस्तु और मांस को मुख में लेकर शब्द करे तो गमन करने वाले के अभीष्ट अर्थ को सिद्धि होती है। पंखों को कँपाते हुये ऊपर को मुख करके बार-बार शब्द करे तो यात्रा में विघ्न होता है।
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