मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 95 • श्लोक 13
पूर्णाननेऽर्थलाभः सिकताधान्यार्द्रमृत्कुसुमपूर्वैः । भयदो जनसंवासाद्यदि भाण्डान्यपनयेत् काकः ॥
यदि कौवे रेत, धान्य, गिलो मिट्टी, पुष्प या फल मुँह में भर कर अपने स्थान पर आवें तो धन का लाभ होता है तथा जल के समीप से कुछ बर्तन लेकर जायें तो भय देते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें