यदि कौवे ऊपर को मुँह उठाकर पंखों को चलावें तो मार्ग में भय, धान्यों को चुरावें तो दुर्भिक्ष का भय, सेना के अंगों पर बैठ जाय तो युद्ध और कोयल के समान अति काले पंख कौवे के हों तो चोर का भय होता है।
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