यदि हाथी के दोनों दाँत दूर्य जाएँ तो राजा के सम्पूर्ण कुल का क्षय होता है। शुभ
ग्रह के लग्न (वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, धनु और मोन), शुभ तिथि (रिक्तावर्जित
तिथि), शुभ नक्षत्र ( दारुण उग्र नक्षत्र को छोड़कर शेष नक्षत्र) आदि में उत्पन्न हाथो हो तो शुभ फलों की वृद्धि होती है और इससे विपरीत समय में उत्पन्न हो तो पाप फलों की वृद्धि होती है।
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