यदि शिवा एक बार शब्द करके चुप हो जाय तो अनाकुलता, दो बार शब्द करके चुप हो जाय तो इष्टश्रवण, तीन बार शब्द करके चुप हो जाय तो अर्थलाभ, चार बार
शब्द करके चुप हो जाय तो प्रिय का आगम, पाँच बार शब्द करके चुप हो जाय तो आकुलता, छः बार शब्द करके चुप हो जाय तो प्रधानों में भेद और सात बार शब्द करके चुप हो जाय तो सर्मत्त होती है।
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