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बृहत्संहिता • अध्याय 90 • श्लोक 4
राजा कुमारो नेता च दूतः श्रेष्ठी चरो द्विजः । गजाध्यक्षच पूर्वाद्याः क्षत्रियाद्याश्चतुर्दिशम् ॥
राजा, कुमार, सेनापति, दूत, सेठ, गुप्तचर, ब्राह्मण, राजाध्यक्ष- ये प्रदक्षिणक्रम से पूर्व आदि आठ दिशाओं के स्वामी होते हैं। क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र और ब्राह्मण पूर्व आदि चार दिशाओं के स्वामी है।
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