पूर्व और उत्तर दिशा में स्थित मृगाली शुभ फल देने वाली होतो है। सर्वत्र शान्त दिशा में स्थित हो तो श्रेष्ठ होती है तथा पूमित दिशा की तरफ मुख करके दीप्त शब्द करे तो उस दिशा के स्वामी का नाश करती है।
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