मौनं गता प्रतिरुते नरद्विरदवाजिभिः । या शिवा सा शिवं सैन्ये पुरे वा सम्प्रयच्छति ॥
जो बोलती हुई शिवा मनुष्य, हाथी और घोड़े के प्रतिशब्द से चुप हो जाय, वह सैन्य और नगर में मंगल करती है।
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