मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 9 • श्लोक 27
अश्मकवैदर्भाणां पुनः वसुस्थे सिते महाननयः । पुष्ये पुष्टा वृष्टिः विद्याधरगणविमर्दश्च ॥
जब शुक्र पुनर्वसु में होगा, तो अस्मक और वैदर्भों को बहुत कष्ट होगा, जब वह पुष्य में होगा, तो प्रचुर वर्षा होगी और विद्याधर युद्ध में पराजित हो जायेंगे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें