भर्य च शय्यासु तदीश्वराणां याने भषन्तो भयदाच पधात्। अथापसव्या जनसप्रिवेशे भयं भपन्तः कथयन्त्यरीणाम् ॥
भर्य च शय्यासु तदीश्वराणां याने भषन्तो भयदाच पधात्। अथापसव्या जनसप्रिवेशे भयं भपन्तः कथयन्त्यरीणाम् ॥
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