खंखेति चोच्चैश्च मुहुर्मुहुर्ये रुवन्ति दण्डैरिव ताड्यमानाः । श्वानोऽभिधावन्ति च पण्डलेन ते शून्यतां मृत्युभयञ्च कुर्युः ॥
यदि सभी कुत्ते दण्डों से ताड़ित की तरह ऊँचे स्वर से बार-बार 'खंख' शब्द करें या सभी कुत्ते इकट्ठे होकर एक साथ दौड़ें तो वे नगर को शून्यता और मृत्युभय को सूचित करते हैं।
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