उकारवर्णे विरुतेऽर्थसिद्धिरोकारवर्णेन च वामपार्श्वे । व्याक्षेपमौकाररुतेन विन्द्यान्त्रिषेधकृत्सर्वरुतैश्च पश्चात् ॥
यदि कुत्ता उकार वर्ण से या गमन करने वाले के वाम पार्श्व में होकर ओकार वर्ण से शब्द करे तो अर्थ-सिद्धि और औकार वर्ण से शब्द करे तो आकुलता होती है तथा गमन करने वाले के पीछे की ओर होकर किसी भी वर्ण से शब्द करे तो उसको यात्रा
का निषेध करता है।
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