उभयोरपि जिघ्रणे हि बाह्रोर्विज्ञेयो रिपुचौरसम्प्रयोगः । अथ भस्मनि गोपयीत भक्षान् मांसास्थीनि च शीघ्रमग्निकोपः ॥
यदि गमन करने वाले की दोनों भुजाओं को कुत्ता सूपे से शत्रु और चोर का भय जानना चाहिये। यदि भस्म में अपने खाने की वस्तु, मांस या हड्डी को छिपावे तो शीघ्र अग्निकोप होता है।
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