यदि कुत्ता गमन करने वाले के दोनों पाँवों को सूपे तो यात्रा का निषेध करता है। यदि वहीं पर गमन करने वाला निश्चल होकर स्थित हो जाय तो अभीष्ट अर्थ की सिद्धि करता है तथा यदि एक स्थान में स्थित गमन करने वाले के जूते को सूचे तो शीघ्र यात्रा को सूचित करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।