दिनान्तकालिक सन्ध्या समय में पचित्र होकर नवीन वस्त्र धारण करके उस
पिंगला के निवास वृक्ष के समीप जाकर सुगन्धित द्रव्यों (चन्दन, कुङ्कुम, कस्तूरो,
अगुरु आदि द्रव्यों से उस वृक्ष का तथा ब्रहा, विष्णु, महेश- इन तीनों देवताओं का
पूजन करके
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