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बृहत्संहिता • अध्याय 88 • श्लोक 40
दिनान्तसन्ध्यासमये निवासमागम्य तस्याः प्रयतश्च वृक्षम् । 'देवान् समभ्यर्च्य पितामहादीत्रवाम्बरस्तं च तरुं सुगन्धैः ॥
दिनान्तकालिक सन्ध्या समय में पचित्र होकर नवीन वस्त्र धारण करके उस पिंगला के निवास वृक्ष के समीप जाकर सुगन्धित द्रव्यों (चन्दन, कुङ्कुम, कस्तूरो, अगुरु आदि द्रव्यों से उस वृक्ष का तथा ब्रहा, विष्णु, महेश- इन तीनों देवताओं का पूजन करके
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