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बृहत्संहिता • अध्याय 88 • श्लोक 39
इशिविरुतं गमनप्रतिषेधि कुशुकुशु चेत् कलहं प्रकरोति । अभिमतकार्यगतिं च यथा सा कथयति तञ्च विधिं कथयामि ॥
पिङ्गला का 'इशि' शब्द गमन को रोकने वाले और 'कुशुकुशु' शब्द क्लेश करने वाले होते हैं। यह पिंगला अभीष्ट कार्य की सिद्धि को जिस प्रकार सूचित करती है, उस विधि को कहता हूँ।
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