चिरिल्विरित्विति स्वरैः शुभं करोति पिङ्गलाः । अतोऽपरे तु ये स्वराः प्रदीप्तसंज्ञितास्तु ते ॥
पिङ्गला 'धिरित्विरितु' शब्दों से शुभ करती है। इनसे अन्य सभी शब्द प्रदीत- संज्ञक और अशुभ फल देने वाले होते हैं।
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