मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 88 • श्लोक 28
दुर्बलेरपि चिरिस्त्विरित्विति प्रोक्तमिष्टफलदं हि वामतः ।। वामतच यदि दक्षिणं व्रजेत् कार्यसिद्धिमचिरेण यच्छति ॥
गमन करने वाले के बाम भाग में स्थित भाण्डरीक पक्षी का 'चिरिल्विरितु' शब्द हो तो शुभ होता है। यही भाण्डरीक यदि वाम भाग से दक्षिण में आ जाय तो शीघ्र कार्य की सिद्धि करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें