दुर्बलेरपि चिरिस्त्विरित्विति प्रोक्तमिष्टफलदं हि वामतः ।। वामतच यदि दक्षिणं व्रजेत् कार्यसिद्धिमचिरेण यच्छति ॥
गमन करने वाले के बाम भाग में स्थित भाण्डरीक पक्षी का 'चिरिल्विरितु' शब्द हो तो शुभ होता है। यही भाण्डरीक यदि वाम भाग से दक्षिण में आ जाय तो शीघ्र कार्य की सिद्धि करता है।
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