काक के साथ लड़ाई करते हुये चाष की काक से दक्षिण भाग में पराजय हो जाय तो गमन करने वाले मनुष्य का चप होता है। इससे विपरीत (काक से उत्तर भाग में
चाप की जय) हो तो गमन करने वाले की जय होती है।
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