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बृहत्संहिता • अध्याय 88 • श्लोक 20
अब्जेषु मूर्धसु राज्यप्रदः वाजिगजोरगाणां कुशलकृच्छुचिशाइलेषु । दुःखं भस्मास्यिकाष्ठतुषकेशतृणेषु दृष्टः करोति खलु खञ्जनकोऽब्दमेकम् ॥
दुःखं भस्मास्यिकाष्ठतुषकेशतृणेषु दृष्टः करोति खलु खञ्जनकोऽब्दमेकम् ॥२०॥ यदि खनन पधी कमाल घोड़ा हाथी और सर्प के मस्तक पर दिखाई दे सो राज्य को देने पाला होता है, पवित्र स्थान या हरो घास पर दिखाई दे तो कुशल करने याला होता है तथा भस्म, हट्टी, काठ, तुर, काल या इन पर दिखाई दे तो एक वर्ष तक दुःख करता है।
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