चतुर्थ भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो पवित्र ब्राह्मण और अग्निहोत्री का दर्शन होता है। आग्नेय कोण में स्थित शकुन कोलाहल करे तो सुवर्ण और लोह (शत) को प्राप्ति तथा भिक्षुक का दर्शन होता है।
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