मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 87 • श्लोक 2
तदनन्तरदिशि कनकागमो भवेद्वाञ्छितार्थसिद्धिश्च । आयुधधनपूगफलागमस्तृतीये भवेद् भागे ॥
पूर्व दिशा के बाद प्रदक्षिणक्रम से द्वितीय भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो सोने की प्राप्ति और अभीष्ट अर्थ को सिद्धि होती है। यदि तृतीय भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो शख, घन और सुपारी की प्राप्ति होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें