उत्तर दिशा से तृतीय भाग में स्थित सकुन कोलाहल करे तो वेश्या, ब्राह्मण और मृत्य का समागम तथा सफेद फूलों का लाभ होता है। उत्तर दिशा से चतुर्थ भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो चित्रकार का दर्शन और चित्र बलों का लाभ होता
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