वायव्य कोन से तृतीय भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो मित्र से समागम और धन की प्राप्ति होती है। वायव्य कोण से चतुर्थ भाग में स्थित शकुन कोलाहल करे तो बस्त्र और घोड़े की प्राप्ति तथा प्रिय मित्रजन का ममागम होता है।
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