पश्चिम दिशा से तृतीय भाग में स्थित शकुर कोलाहल करे तो वातरोगियों का दर्शन
तथा चन्दन और अगर की प्राप्ति होती है। पश्चिम दिशा से चतुर्थ भाग में स्थित शकुन
फोलाहल करे तो शाख और पुस्तक की प्राप्ति तथा इन वस्तुओं को बेचने वाले से
मुलाकात होती है।
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