पृथक् जाति और अनवस्था के कारण इनमें व्यक्ति (स्त्री, पुरुष और नपुंसक) का विभाग नहीं लक्षित होता है; अतः इनके ज्ञान के लिये ऋषियों ने ये वक्ष्यमाण दो श्लोक कहे हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।