मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 76
वृक्षाप्रमध्यमूलेषु गजाश्वरचिकागमः । दीर्घाब्जमुषितायेषु नरनीशिबिकागमः ॥
यदि वृक्ष के अप्रभाग पर शकुन बैठा हो तो गजारूढ़ मनुष्य का, रोज के मध्य में शकुन बैठा हो तो अश्वारूप्य मनुष्य का और पृक्ष के मूल में शकुन बैठा हो तो रथारूद मनुष्य का आगमन सूचित करता है। यदि लम्बी यस्तु पर शकुन बैठा हो तो नरारूद मनुष्य का, कमलपुष्प पर बैठा हो तो नाव का और छिराय भाग कले वस्तु पर बैठा हो तो पालकी का आगमन सूचित करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें