यदि वृक्ष के अप्रभाग पर शकुन बैठा हो तो गजारूढ़ मनुष्य का, रोज के मध्य में शकुन बैठा हो तो अश्वारूप्य मनुष्य का और पृक्ष के मूल में शकुन बैठा हो तो रथारूद मनुष्य का आगमन सूचित करता है। यदि लम्बी यस्तु पर शकुन बैठा हो तो नरारूद मनुष्य का, कमलपुष्प पर बैठा हो तो नाव का और छिराय भाग कले वस्तु पर बैठा हो तो पालकी का आगमन सूचित करता है।
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