मध्य स्थित शकुन चाम पार्थगत शकुन के द्वारा शब्दायमान हो तो आत्मीय जनों में और दक्षिण पार्थगत शकुन के द्वारा शब्दायमान हो तो शत्रुओं से भय को सूचित करता है तथा ये सभी एक ही समय में यदि बराबर शब्द करें तो होने वाले मरण को
सुभित करते हैं।
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