दीप्त दिशा में स्थित शकुन क्रूर के साथ किसी पुरुष का आगमन, धूमित दिशा में स्थित शकुन दण्ड के साथ किसी पुरुष का आगमन, शान्त दिशा में स्थित शकुन दोष- युक्त पुरुष के साथ किसी पुरुष का आगमन, इसके बाद दुष्ट पुरुष के साथ, इसके बाद प्रधान पुरुष के साथ, इसके बाद राजा के साथ, इसके बाद आषक के साथ और इसके बाद अङ्गारित दिशा में स्थित शकुन बहुत देर के बाद किसी पुरुष के आगमन को सूचित करता है ।
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