छिक्करः कृटपूरी च पिरिली चाहि दक्षिणाः । अपसव्याः सदा शस्ता दंष्ट्रिणः सबिलेशयाः ॥
दिन में सियार, करापिका और पिरलों पक्षी दक्षिण भाग में शुभ होते हैं तथा दंष्ट्री (सुअर आदि) और बिल में रहने वाले प्राणी वाम भाग में शुभ होते हैं।
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