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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 45
जाहकाहिशशक्रोडगोधानां कीर्तनं शुभम्।। रुतं सन्दर्शनं नेष्टं प्रतीपं वानरर्क्षयोः ॥
यात्रा के समय में जाहक, सर्प, खरगोश, सूअर और गोह का नाम लेना शुभकारी है। इससे उलटा वानर तथा भालू का फल होता है। अर्थात् यात्रा-समय में वानर तथा भालू का नाम लेना अशुभ तथा शब्द और ईर्जन शुभ है।
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