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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 41
स्त्रीसंज्ञा भासभषककपिश्रीकर्णधिक्कराः । शिखिश्रीकण्ठपिप्पीकरुरुश्येनाच दक्षिणाः ॥
भासपक्षी, भषक, वानर, श्रीकर्ण पक्षी, धिक्कर (मृग जाति), बाज, खोसंत्तक जन्तु-ये सभी गमन करने वाले के दक्षिण भागगत शुभ होते हैं।
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