ईशान कोण और पूर्व दिशा के अन्तर्गत प्रदेश के त्रिभाग में क्रम से वैष्णव, चरक एवं सहीस- ये तीन स्थित रहते हैं। इस प्रकार पूर्व आदि आठ दिशाओं के बतीस भेद होते हैं।
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