वायव्य और उत्तर दिशा के अन्तर्गत प्रदेश के त्रिभाग में क्रम से विष करे नाश करने वाले, गौस्वामी (गोमान्) और इन्द्रजाल विद्या जानने वाले स्थित रहते हैं। उता और ईशान कोण के अन्तर्गत प्रदेश के त्रिभाग में धनी, दैवज्ञ और माली ये तीन स्थित रहते हैं।
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