दक्षिण और अग्निकोण के अन्तर्गत प्रदेश के त्रिभाग में क्रम से कारीगर, भिक्षुक और नङ्गी ली- ये तीन स्थित होते हैं। दक्षिण और नैऋत्य कोण के अन्तर्गत प्रदेश के त्रिभाग में क्रम से हाथी, गोप और धार्मिक लोग स्थित लोग हैं ।
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