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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 29
रोहिताच्चाजवालेयाः कुरङ्गोष्ट्रमृगाः शशः । निष्फलाः शिरे ज्ञेया वसन्ते काककोकिलौ ॥
शिशिर काल में रोहित मृग, घोड़ा, बकरा, गदहा, कुरङ्ग, ऊँट, मृग और खरहा तथा बसन्त काल में कौना और कोयल निष्फल होते हैं।
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