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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 26
शतपत्रकुरङ्गाखुमृगैकशफकोकिलाः चाषशल्यकपुण्याहघण्टाशङ्खरवा उदक् ॥
दार्याघाट पक्षी, हरिण, चूहा, मृग, घोड़ा, गदहा, कोयल, चाष, बिल में रहने वाले जीव, पुण्याहवाचन का शब्द, घण्टा, शंख-ये सभी उत्तर दिशा में बली होते हैं।
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