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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 25
गोशशक्रौञ्चलोमाशहंसोत्क्रोशकपिञ्चलाः विडालोत्सववादित्रगीतहासाश्च वारुणाः ॥
गाय, खरहा, क्रौरा पक्षी, लोमड़ी, हंस, कुरव पक्षी, कपिञ्जल पक्षी, मार्जार, विवाह आदि उत्सव, बाजे, गीत, हास्य- ये सभी पश्चिम दिशा में बली होते हैं।
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