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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 2
भारद्वाजमतं दृष्ट्वा यच्च श्रीद्रव्यवर्धनः । आवन्तिकः प्राह नृपो महाराजाधिराजकः ॥
जो कहा है, भारद्वाज मुनि के मत को देखकर अवन्ती के महाराजाधिराज राजा श्रीद्रव्यवर्धन ने
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