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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 19
हर्म्यप्रासादमङ्गल्यमनोज्ञस्थानसंस्थिताः । श्रेष्ठा मधुरसक्षीरफलपुष्पद्रुमेषु च ॥
महल, देवमन्दिर, मंगलस्थान (देवता, ब्राह्मण और गायों से अध्यासित) मनोज्ञ ( हरी घास और शीतल दूम की छाया), मधुर फल वाले, दूध वाले, फल वाले और फूल वाले वृक्ष- इन सब पर स्थित शकुन शुभ फल देने वाले होते हैं।
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