अङ्गारिणी दिशा के पञ्चमी दिशा में इह शुभाशुभ शकुन का फल भूत, दीप्ता दिख के पक्रमी दिशा में दृष्ट शुभाशुभ शकुन का फल वर्तमान और भूमिनी दिशा के पहनी दिशा में गृह शुभाशुभ शकुन का फल भविष्यत् होता है। शेष अङ्गारित सान्तासभ और भूषित शान्तासन दिशाओं में दृष्ट शुभाशुभ शकुन का फल क्रम से भूत और भविष्यत् जानना चाहिये ।
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