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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 11
तनूरस्कशिरोग्रीवाः सूक्ष्मास्यपदविक्रमाः । [उसक्तमृदुभाषिण्यः खियोऽ तोऽन्यन्नपुंसकम् ॥
छोटे मुख, पाँव और पराक्रम वाले तथा मधुर शब्द करने वाले जीव 'स्त्री' संज्ञक शाकुन को गये हैं। पुरुष, खी दोनों के मिश्रित लक्षण जहाँ हों वे 'नपुंसक'-संज्ञक जोव कहे गये हैं।
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