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बृहत्संहिता • अध्याय 86 • श्लोक 10
पीनोन्नतविकृष्टांसाः पृथुत्रीवाः सुवक्षसः । स्वल्पगम्भीरविरुताः पुमांसः स्थिरविक्रमाः ॥
मोटे ऊँचे और विस्तीर्ण कन्धे वाले, विस्तीर्ण गरदन वाले, सुन्दर छाती वाले, अल्प गम्भीर स्वर वाले और स्थिर पराक्रम वाले जीव 'पुरुष' संज्ञक शाकुन कहे गये है। कुश छाती, शिर और गरदन बाले,
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