उरराभिमुख या पूर्वाभिमुख सुखपूर्वक बैठकर वार्षिक याभितिजामा को इदय में रखकर विहित करना चाहिये। फिर दन्तपावन को धोकर
पवित्र स्थान में छोड़ देना चाहिये ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।