जिस दीप की शिखा वामावर्त होकर भ्रमण करती हो, मलिन किरण वाली हो, जिनमें चिनगारियाँ निकलती हों, छोटी शिखा से युत हो, निर्मल तेल और बत्ती से युत होने पर भी शीघ्र बुझ जाती हो, शब्दयुत, कम्पित, विखरे किरणों चाली हो, विना शलभ के गिरे या विना वायु के चले बुझ जाती हो-ऐसा दीपक पापफल देने वाला कहा गया है।
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